Yoga Asana - स्वस्तिकासन / Swastikasana

स्वस्तिकासन /Swastikasana

परिचय - 

यह आसन अत्यंत कल्याणकारी है। इसका अभ्यास सरल और लाभदायी है। लंबे समय तक ध्यानावस्था में बैठने के लिए ये एक अच्छा आसन है। जो साधक सिद्धासन या पद्मासन का अभ्यास करने में कठिनाई महसूस करते है ,वो इस आसन में बैठ कर प्राणायाम, ध्यान साधना या अन्य यौगिक क्रियाये कर सकते है। इसका अभ्यास चित्त को एकाग्र कर ,व्यक्ति का आध्यात्मिक विकास करता है।

अब समझ भी जाओ पापा

सेहत के लिए नुकसानदायक हैं ये 5 हेल्दी आदतें


1) लो-फैट या फ्री डेयरी का चुनाव

नये रिसर्च से यह सिद्ध हुआ है कि फुल फैट डेयरी का दिल की बीमारियों, टाइप-2 डायबिटीज़ व मोटापा से कोई संबंध नहीं है. ऐसा इसलिए है, क्योंकि डेयरी (दूध से बनी चीज़ें) में मौजूद फैटी एसिड्स मेटाबॉलिज़्म बढ़ाने में मददगार सिद्ध होते है. फैट का सेवन करने से पेट अधिक समय तक भरा रहता है और ओवरईटिंग से बचा जा सकता है. इसके साथ ही यह ज़रूरी नहीं है कि जिन प्रोडक्ट्स पर लो-फैट या फैट-फ्री लिखा हो, उनमें कम कैलोरीज़ या कम शुगर हो. कई बार कुछ कंपनियां प्रोडक्ट्स का स्वाद बढ़ाने के लिए उनमें आर्टिफिशियल शुगर, सॉल्ट या फ्लेवर्स मिलाती हैं. इसलिए सुनने में भले ही थोड़ा अटपटा-सा लगे, पर फुल-फैट डेअरी (वसा युक्त) प्रोडक्ट्स आपके लिए सेहतमंद हैं.

इम्यून पावर कमजोर हो जाए तो उसे बढ़ाने के लिए क्या उपाय किए जाने चाहिए?

 अगर इम्यून पावर कमजोर हो जाए तो उसे बढ़ाने के लिए क्या उपाय किए जाने चाहिए? यहां ऐसे ही कुछ उपायों का जिक्र है जिन्हें आजमाकर आप एक सप्ताह के भीतर अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ा सकते हैं :

जाने हमारा इम्यून सिस्टम क्या करता है वायरस को हराने के लिए ?


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ज्यादातर लोग कोरोना वायरस से इन्फेक्ट होके अपने आप ठीक हो जा रहे हैं। कैसे ? .

एक बड़ा युद्ध होता है बाकायदा !
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#वायरस_का_हमला :

वायरस आया शरीर में, 4 दिन गले में रहा, फिर लंग्स में उतर गया, लंग्स में एक सेल के अंदर घुसा और उसके रिप्रोडक्शन के तरीके को इस्तेमाल करके खुद की copies बना ली, फिर सारी copies मिलके अलग अलग सेल्स को अंदर घुसकर ख़त्म करना शुरू कर देती है। अब बहुत सारे वायरस हो गए हैं फेफड़ों में, मौत के करीब पहुँचने लगता है इंसान। शुरू में वायरस फेफड़ों के epithelial सेल्स को इन्फेक्ट करता है।

वायरस अभी जंग जीत रहा होता है।
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पेट में कीड़े हो तो आज़माएं ये घरेलू इलाज



मधुर-अम्ल पदार्थों का अधिक सेवन तथा अजीर्ण रहने पर भी भोजन करना पेट के कीड़ों को पैदा करने में मुख्य भूमिका अदा करते हैं. इसके अतिरिक्त पतले पदार्थों तथा गुड़ का अधिक सेवन, व्यायाम न करना या शारीरिक श्रम से बचना, दिन में अधिक सेवन, परस्पर विरुद्ध पदार्थों का सेवन आदि कृमियों के उत्पत्ति के सामान्य कारण हैं. ये कारण कृमियों की उत्पजत्त और उनके विकास के लिए अनुकूल परिस्थिति उत्पन्न करते हैं.

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