डायबिटीज, जिसे सामान्यतः मधुमेह कहा जाता है, एक ऐसी बीमारी है जिसमें लंबे समय तक रक्त में शर्करा (ब्लड शुगर) का स्तर सामान्य से अधिक बना रहता है। इसके प्रमुख लक्षणों में बार-बार पेशाब आना, अधिक प्यास लगना और बार-बार भूख लगना शामिल हैं। यदि समय रहते इसका ध्यान न दिया जाए तो मधुमेह कई गंभीर समस्याओं का कारण बन सकता है। गंभीर स्थिति में मधुमेह केटोएसिडोसिस, नॉन-कीटोटिक हाइपरोस्मोलर कोमा जैसी जटिलताएँ हो सकती हैं। लंबे समय तक अनियंत्रित रहने पर यह हृदय रोग, स्ट्रोक, किडनी की बीमारी, पैरों में घाव, नसों की कमजोरी तथा आँखों की रोशनी पर भी बुरा प्रभाव डाल सकता है।
डायबिटीज तब होती है जब अग्न्याशय (पैंक्रियाज) पर्याप्त मात्रा में इंसुलिन नहीं बना पाता या शरीर इंसुलिन का सही ढंग से उपयोग नहीं कर पाता। इंसुलिन एक महत्वपूर्ण हार्मोन है जो रक्त में शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने का कार्य करता है। लंबे समय तक बढ़ी हुई ब्लड शुगर शरीर की नसों, रक्त वाहिकाओं तथा अन्य अंगों को धीरे-धीरे नुकसान पहुँचा सकती है।








